Good bad ugly: एक अजीबोगरीब और इंटेंस एक्सपीरियंस”

Good bad ugly: एक अजीबोगरीब और इंटेंस एक्सपीरियंस”

भाई, क्या बताऊं, कल का दिन मेरे लिए बिल्कुल ही अनोखा था! बुखार चढ़ा हुआ था, फिर भी एक्शन और मस्ती की उम्मीद में फिल्म देखने चला गया। वैसे, पहले तो सोचा था कि इस मूवी को देखना अच्छा रहेगा, खासकर अजीत कुमार की फिल्म है, तो मजा आ जाएगा।

Good bad ugly
Good bad ugly: एक अजीबोगरीब और इंटेंस एक्सपीरियंस”

लेकिन फिल्म में कुछ ऐसा हुआ कि मेरे दिमाग की हवा ही उड़ गई! इंटरवल तक आते-आते, मुझे स्क्रीन पर ध्यान ही नहीं रहा, क्योंकि जो कुछ भी हो रहा था वो कुछ ऐसा था कि बस आंखें खुली रखने की चुनौती थी।

 

फिल्म के पहले आधे घंटे में तो ऐसा लग रहा था जैसे बीजीएम (बैकग्राउंड म्यूजिक) और साउंड इफेक्ट्स की वजह से मेरा दिमाग ही उड़ जाएगा। समझ नहीं आ रहा था कि इतनी लाउड साउंड और घातक टॉर्चर क्यों किया जा रहा है। मतलब, लोग कहते हैं कि ‘गुड बैट अगली’ परफॉर्मेंस और एक्शन में दम है, लेकिन मुझे तो वो ध्वनि का सैलाब ही ज्यादा दमदार लग रहा था। बीच-बीच में समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है और कहां जा रहा है!

अब, अगर मैं फिल्म के बारे में बात करूं, तो फिल्म के फैन सर्विस हिस्से को लेकर मुझे बहुत ही गुस्सा आ रहा था। फैन्स को ‘लीट’ कर-कर के हर एंगल से खिला दिया गया, मानो फिल्म नहीं, एक टॉर्चर चैलेंज हो! लेकिन, हाँ, एक बात तो है, मैं यह नहीं कह सकता कि अजीत कुमार की एक्टिंग और स्वैग मुझे पसंद नहीं आया। वो सच में हमेशा की तरह शानदार थे, लेकिन शायद फिल्म की दिशा थोड़ी अलग हो सकती थी।

 

अब, अगर इंटरवल की बात करें, तो मैंने स्क्रीन की तरफ देखना छोड़ दिया था। और जो कुछ दिख रहा था वो भी उतना असरदार नहीं था, कि मैं पूरा ध्यान दे पाता। फिल्म के अंदर जो भी सीन हो रहे थे, उन सबके बीच कुछ समझ नहीं आ रहा था। और बीच में तो कुछ ऐसा हो गया कि मुझे एहसास हुआ कि असली हीरो वो लोग हैं जो कॉर्नर में बैठकर स्क्रीन पर होने वाली हर चीज़ पर ध्यान रखते हैं, वरना हमें तो फिल्म के हर सेकंड में सिरदर्द ही होता।

 

फिर भी, जो बात है वो ये कि फिल्म इंडस्ट्री में जो पर्दे के पीछे काम करने वाले लोग हैं, उनका योगदान बहुत अहम है। अगर वो लोग न होते, तो शायद हम भी थिएटर में बैठ नहीं पाते। इस तरह के अनुभव को देखकर मुझे लगता है कि इन लोगों को भी कभी न कभी सही मायने में पहचाना जाना चाहिए।

 

कुल मिलाकर, अगर आप एडवेंचर के लिए जाना चाहते हैं और तैयार हैं कुछ अजीब अनुभव लेने के लिए, तो इस फिल्म को जरूर देख सकते हैं। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि ये फिल्म सिर्फ एक्शन और रोमांच से भरपूर होगी, तो शायद आपको कुछ निराशा हो सकती है। खैर, अगर आप चाहते हैं कि आपका मूवी वीकेंड मजेदार हो, तो फिर जाने से पहले सोच समझ कर जाइए!

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