Sikandar Movie Review: पुरानी स्टोरीटेलिंग और कमजोर स्क्रिप्ट ने किया निराश ⭐⭐
सलमान खान स्टारर ‘सिकंदर’ को दर्शकों से जिस तरह की उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हो पाई। डायरेक्टर ए.आर. मुरुगदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दमदार एक्शन और शानदार स्क्रीनप्ले की जगह आउटडेटेड स्टोरीटेलिंग और रूटीन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिले, जिससे फिल्म का ग्राफ गिरता चला गया।
पहला हाफ ठीक, लेकिन सेकंड हाफ कमजोर

फिल्म की शुरुआत दमदार होती है, खासकर सलमान खान की एंट्री सीन को काफी अच्छे से डिजाइन किया गया है। लेकिन इसके बाद फिल्म में कोई खास हाई पॉइंट या ट्विस्ट नहीं आता। पहले हाफ में थोड़ी उम्मीद जागती है, लेकिन सेकंड हाफ पूरी तरह बिखर जाता है और स्क्रीनप्ले बिल्कुल फीका पड़ जाता है।
परफॉर्मेंस भी निराशाजनक
फिल्म में सलमान खान, रश्मिका मंदाना, सत्यराज, काजल अग्रवाल और प्रतीक बब्बर जैसे शानदार कलाकार हैं, लेकिन स्क्रिप्ट इतनी कमजोर है कि किसी को भी अपना टैलेंट दिखाने का मौका नहीं मिलता। हर किरदार अधूरा और बिना दम का लगता है। सलमान खान ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें सपोर्ट नहीं कर पाई।
क्या है सबसे बड़ी कमी?
- स्क्रीनप्ले में धार नहीं – खासकर सेकंड हाफ बहुत ही उबाऊ हो जाता है।
- रूटीन एक्शन सीक्वेंस – कोई भी स्टंट या फाइट सीन यादगार नहीं है।
- डायरेक्शन कमजोर – ए.आर. मुरुगदास जैसे बड़े डायरेक्टर से बेहतर की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने इस बार निराश किया।
- कैरेक्टर्स का सही इस्तेमाल नहीं – इतने बड़े स्टारकास्ट के बावजूद कोई भी परफॉर्मेंस असर नहीं छोड़ती।
क्या ‘सिकंदर’ को देखना चाहिए?
अगर आप सलमान खान के कट्टर फैन हैं, तो शायद आपको उनका एंट्री सीन पसंद आए। लेकिन अगर आप एक मजबूत स्टोरी और एंटरटेनिंग फिल्म की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।
रेटिंग: ⭐⭐ (2/5)
फाइनल वर्डिक्ट: ‘सिकंदर’ एक औसत से भी कमजोर फिल्म है, जिसमें कुछ भी नया या एक्साइटिंग नहीं है। सलमान खान को अब बेहतर स्क्रिप्ट चुनने की जरूरत है।